मुंबई: दादा साहब फाल्के एक्सीलेंस अवॉर्ड 2017 समारोह में अगर हेमा मालिनी, ऐश्वर्या रॉय को छोड़ दें तो कोई बहुत बड़ी फ़िल्मी हस्ती दिखाई नहीं दी. सूने सूने से समारोह में सितारों के नाम पर मात्र ऐश्वर्या राय बच्चन, जूही चावला, हेमा मालिनी, रोनित रॉय, राजू श्रीवास्तव, अनूप जलोटा, गीतकार जावेद अख्तर जैसे गुजरे जमाने की फिल्मी हस्तियाँ ही मौजूद थीं. शुक्रवार को बांद्रा के सेंट एंड्रयूज ऑडिटोरियम में दबंग दुनिया की तरफ से आयोजित दादा साहब फाल्के एक्सीलेंस अवॉर्ड समारोह अपने मकसद में पूरी तरह फेल रहा.

29 श्रेणियों में पुरस्कार
इस साल 29 श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए. अभिनेत्री व प्रोड्यूसर पूनम झावर, फिल्म पीआरओ पुनीत खरे और हर्ष गुप्ता द्वारा हर साल दादा साहब फाल्के एक्सीलेंस अवार्ड समारोह का आयोजन किया जाता है. इसके साथ ही दादा साहब फाल्के एक्सीलेंस अवार्ड के आयोजन में दबंग दुनिया समूह मुख्य प्रायोजक की अहम भूमिका निभाता आ रहा है. इस बार स्माइल फाउंडेशन भी दादा साहब फाल्के एक्सीलेंस अवार्ड 2017 से चैरिटी पार्टनर के रूप में जुड़ा.

ऐश्वर्या को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री अवॉर्ड
अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन को फिल्म ‘सरबजीत’ के लिए हेमा मालिनी, जावेद अख्तर और देश भर में उभरते हुए मीडिया समूह दबंग दुनिया समूह के चेयरमैन किशोर वाधवानी के हाथों सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवॉर्ड मिला. इस मौके पर ऐश्वर्या राय ने कहा कि महान हस्तियों के हाथों यह अवॉर्ड पाकर मुझे काफी गर्व महसूस हो रहा है.

राजन कुमार ने पेश की चार्ली चैपलिन की प्रस्तुति
अभिनेता राजन कुमार ने ट्रिनिटी डांस अकादमी के दर्ज़नों बच्चों के साथ हिंदी, मराठी फिल्म सैराट और राष्ट्रगीत की धुनों पर चार्ली चैपलिन की प्रस्तुति पेश की जिसने कार्यक्रम को एक नया आयाम प्रदान किया. ज्ञात हो कि अभिनेता राजन कुमार पिछले 15 साल से देश-विदेश में चार्ली चैपलिन के शो करने के लिए विख्यात हैं और इसके लिए उन्हें न केवल गिनीज बुक में स्थान मिला है बल्कि राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए भी उनका नामांकन हो चूका है.

भजन सम्राट को अवार्ड से नवाजा गया
अनूप जलोटा जो पिछले बीस वर्ष से भजन प्रेमियों के दिलो में पहले से ही भजन सम्राट हैं को भजन सम्राट अवार्ड से नवाजा गया, उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए बहुत खुशी का दिन है, दादा साहब फाल्के अवॉर्ड अपने आप में बहुत मूल्यवान है और मै बहुत भाग्यशाली हूं जो इस बार यह अवॉर्ड मुझे मिल रहा है.

दादा साहब फाल्के के पोते भी मौजूद
समारोह में दादासाहब फाल्के परिवार से उनके पोते चंद्रशेखर पुतलकर मौजूद रहे. उन्होंने बताया कि दादा साहब के बारे में लोगों को बताने के लिए एक वेबसाइट बनाई है, जिसमें दादा साहब से जुड़ी सारी जानकारियां उपलब्ध हैं.

दिव्यांगों ने पेश किए आकर्षक कार्यक्रम
कार्यक्रम में दो दृष्टिहीन श्रवण और कविता ने बेखुदी में सनम और लंबी जुदाई जैसे लोकप्रिय गीतों की शानदार प्रस्तुति दी. स्माइल फाउंडेशन की मदद से इलाज करा चुके बच्चों ने इक तेरा नाम सच्चा गीत और वंदे मातरम् प्रस्तुत किया. इसके साथ ही दिव्यांग जुड़वा बहनें श्रुति और गौरी ने ‘हे ईश्वर मेरे दाता’ भजन गाया. दोनों बहनों को पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है.

प्रमुख पुरस्कार विजेता
– डॉली पारेख-बेस्ट फैशन डिजाइनर
– राजीव कपूर- बेस्ट एल्बम आॅफ द ईयर (साथ मेरे- लव नेवर एंड्स)
– विवेक मिश्रा-पॉपुलर फेस आॅफ टेलीविजन 2016
– जाहिद खान- बेस्ट सिंगर इन 32 लैंग्वेजेस
– अनूप जलोटा- भजन सम्राट
– विभा कपूर- बेस्ट प्लेबैक सिंगर फॉर एल्बम (रब्बा ओ रब्बा)
– जुबिन नौटियाल- बेस्ट प्लेबैक सिंगर (काबिल)
– पायल देव- बेस्ट प्लेबैक सिंगर (काबिल)
– फाल्गुनी पाठक- डांडिया क्वीन
– कीर्ति कुलहरि-आउटस्टैंडिंग परफॉरमेंस
– जूही चावला- बेस्ट आउटस्टैंडिंग परफॉरमेंस (चॉक एंड डस्टर)
– उषा नाडकर्णी- आउटस्टैंडिंग सपोर्टिंग रोल (रुस्तम)
– पियूष मिश्रा- आउटस्टैंडिंग परफॉरमेंस (हैप्पी भाग जाएगी)
– राणा डुग्गुबती- मेमोरेबल एंड आउटस्टैंडिंग परफॉरमेंस (द गाजी अटैक)
– वीआईपी कॉमेडियन- बेस्ट वॉइस आॅफ स्टार्स
– शुजित सिरकार- टाइटल क्रिएटिव डायरेक्टर (पिंक)
– जावेद अख्तर- बेस्ट पोएट, लिरिसिस्ट एंड स्क्रिप्ट राइटर
– हेमा मालिनी- कलाश्री अवार्ड
– ऐश्वर्या राय बच्चन-बेस्ट एक्ट्रेस (सरबजीत)
– दिव्य खोसला कुमार- बेस्ट वर्क इन सोशल सर्विस
– उर्वशी रौतेला- बेस्ट परफॉरमेंस (काबिल)
– पंकज कपूर- इन्नूमरेबल शेड्स आॅफ पंकज कपूर
– राजन शाही-बेस्ट लांगेस्ट रनिंग सीरियल आॅन टेलीविजन (ये रिश्ता क्या कहलाता है)
– सारा खान- बेस्ट कंट्रीब्यूशन इन टेलीविजन इंडस्ट्री
– रोनित रॉय- बेस्ट नेगेटिव रोल (काबिल)
– जीनत अमान- लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
– सैयामी खेर-बेस्ट डेब्यू (मिर्जिया)
– राजू श्रीवास्तव- बेस्ट कॉमेडियन
– युग पुरुष- बेस्ट स्प्रिचुअल प्ले

महापुरुषों के नाम पर बढ़ते अवार्ड, घटती चमक
जब तक लोगों में मान, सम्मान, अवार्ड और पुरस्कार पाने की ललक रहेगी, तब तक इन अवार्डों की चमक बनी रहेगी. दादासाहब फाल्के अवॉर्ड के नाम पर तीन-तीन अवार्ड होते हैं लेकिन असली वही है जो केंद्र सरकार करती है. आश्चर्य की बात है कि जब केंद्र सरकार दादासाहब फाल्के अवॉर्ड समारोह आयोजित करती है तो उसके आम पर कोई निजी संस्था यह अवॉर्ड समारोह आयोजित कैसे कर सकती है? केंद्र सरकार यह अवार्ड साल में सिर्फ एक व्यक्ति को देती है और यह संस्था 29 लोगों को देती है इसी से फादर ऑफ़ दी सिनेमा के सम्मान के गिरते हुए ग्राफ को समझा जा सकता है. अगर कल को हम सुनें कि इस बार 25 लोगों को फलां संस्था ने एक्सीलेट भारतरत्न अवार्ड दिया तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए.

किसे अवार्ड देना है किसे नहीं, ये कौन तय करता है
ऊपर से लगता है कि जिसे अवार्ड दिया जा रहा होता है उसका सम्मान हो रहा है लेकिन होता है उल्टा, अवार्ड देने वाला, अवार्ड लेने वाले से सम्मानित हो जाता है. क्योंकि प्रायः अवार्ड लेने वाले को तो सब लोग पहले से जानते हैं, देने वाले को कौन जानता है? कौन, किसको अवार्ड देता है, जो अवार्ड दे रहे हैं वे कौन हैं, जिनको अवार्ड दिए जाते हैं वो कौन लोग हैं? निजी अवार्डो में इसकी कोई पारदर्शिता नहीं होती और न ही इस पर सवाल उठाया जा सकता है, इसलिए इस पर बात करना ही फिजूल है. लेकिन फिल्म जगत के महापुरुषों व दिग्गजों की घटती विश्वसनीयता व उद्योग के गिरते स्तर को बचाने के लिए, सरकार न सही तो फिल्म जगत के तुर्रम खां नेता व उनकी तमाम संस्थाएं तो इस बारे में कुछ सार्थक कदम उठा ही सकती हैं.

 

Advertisements