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डिजिटल पोर्न वर्ल्ड की काली दुनिया के खतरों को दर्शाती हिंदी फिल्म “एक्स वीडियो”

आज का डिजिटल वर्ल्ड, डिजिटल नहीं बल्कि एक खतरनाक दुनिया है जहाँ भारतीय संविधान प्रदत्त आपकी गोपनीय निजता का अधिकार (राईट टू प्राइवेसी) बिलकुल सुरक्षित नहीं है। आपकी व्यक्तिगत जानकारी, फोटो और वीडियो आपकी निजी संपत्ति नहीं हैं। इंटरनेट के हैकर, चोर, लुटेरे और बदमाश इंटरनेट पर उपलब्ध आपकी हर निजी और गोपनीय जानकारी की जासूसी करने, चुराने और उसे सार्वजनिक करने के लिए प्रयासरत हैं। एक बार जब आपकी गोपनीय सामग्री इंटरनेट पर वायरल (सार्वजनिक) हो जाती है, तब इसे रोकने के लिए हमारे पास कोई तंत्र नहीं है, दक्षिण भारतीय फिल्म निर्देशक साजो सुन्दर ने अपनी “एक्स वीडियो” फिल्म में इसी विषय को बड़ी खूबसूरती और मनोरंजन के साथ मुद्दा बनाया है।

कलर शेडोज एंटरटेनमेंट की द्विभाषीय- हिंदी और तमिल फिल्म “एक्स वीडियो” में अश्लील (पोर्न) साइटों की शरारतों और उससे संबंधित बहुपक्षीय साइबर-क्राइम के खतरों को प्रभावी ढंग से दिखाया गया है। फिल्म एस. प्रकाश द्वारा निर्मित, अश्वनी शर्मा द्वारा सह निर्मित और साजो सुंदर द्वारा निर्देशित है। साजो सुंदर इससे पूर्व सिंघम के तमिल संस्करण में निर्देशक हरी, सुप्रसिध्द अभिनेता-निर्देशक प्रकाश राज और प्रसिद्ध तेलगु निर्देशक बोम्मेरिलु बस्कर के साथ के बतौर सह-निर्देशक काम कर चुके हैं। “एक्स विडियो” फिल्म के नायक हैं अजय राज, और नायिका हैं आकृती सिंह, प्रभूजीत मुख्य खलनायक के रूप में हैं, साथ में हैं शान, अभिनव और विश्वंत, शूटिंग बंगलौर, मुंबई और चेन्नई में हुई है। सिनेमैटोग्राफी विन्सेंट अमलराज ने की है, बैकग्राउंड म्यूजिक जोहान ने तैयार किया है, आनंदनालिंग कुमार ने संपादन किया है। प्रोडक्शन डिजाइनर और कला निर्देशक के. काधिर हैं।

इस तरह के एक बोल्ड और ज्वलंत विषय का चयन करने की हिम्मत करने वाले निर्माता एस. प्रकाश ने कहा, “एक्स वीडियो” बनाना समय की मांग थी, हाल में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनसे पता चलता है कि हमारे ही समाज के कुछ लोग अश्लील व पॉर्न फिल्मों के कुचक्र में फंसे हुए हैं उन्हें उससे बाहर निकालना जरूरी है। लोगों को अश्लील व पॉर्न फिल्मों के दुष्प्रभावों से अवगत कराने और डिजिटल पोर्न उद्योग की काली छाया का पदार्फाश करने का यह एक शानदार तरीका था। इस फिल्म का नाम एक प्रसिद्ध, बदनाम और विवादास्पद अश्लील व पॉर्न वेब पोर्टल जैसा रखना जरूरी था जिसका उद्देश्य है अधिक से अधिक लोग इस फिल्म को देखें और डिजिटल पॉर्न मीडिया के खतरे से अवगत हों।” यहां गौरतलब है कि इस फिल्म के निर्माता एस. प्रकाश एक जाने-माने व्यवसाई व समाजसेवी हैं, वह कर्नाटक की राजनीति से लेकर केंद्रीय सत्ता के गलियारों में गहरी पैठ रखते हैं।

इस फिल्म के अपने साहसी कदम बारे में बोलते हुए निर्देशक साजो सुंदर ने कहा, “दुर्भाग्य  से,  आज हमारे समाज में सेक्स शिक्षा का कोई तरीका या माध्यम नहीं है जिसकी वजह से समाज में यौन अपराध होता है। मुझे खुशी है कि मैंने एक ऐसा मुद्दा उठाया है जिसके बारे में लोग बात करने से भी कतराते हैं लेकिन मैं उन्हें जागरुक करना अपना फर्ज समझता हूँ।” वह आगे कहते है, “हालांकि, मैं एक कमर्शियल फिल्म निर्देशक बनना चाहता हूं लेकिन लोगों का मनोरंजन करने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है इसलिए मैं सामाजिक सरोकार व लोगों पर सीधा प्रभाव डालने वाली फिल्में भी बनाना चाहता हूँ।”

साजो सुंदर को फिल्म की रचनात्मकता पर पूरा भरोसा है। निश्चित ही यह फिल्म लोगों के दिलो-दिमाग के तारों को झंकृत करेगी और समाज में विशेषकर नई पीढ़ी के बीच जागरूकता लाएगी। लोगों की निजता व गोपनीयता का अधिकार जो कि खतरे में है को लेकर फिल्म गंभीर चिंता व्यक्त करती है व सवाल भी खड़े  करती है, क्योंकि आज की इस डिजिटल दुनिया में कुछ भी गुप्त व सुरक्षित नहीं रह गया है। साजो सुंदर सुझाव देते हैं कि आपको केवल वही चीज क्लिक/अपलोड करनी चाहिए जिसे आप दुनिया को दिखाना चाहते हैं और ऐसा कुछ क्लिक/अपलोड न करें जिसे आप सार्वजनिक नहीं करना चाहते हैं। यह द्विभाषीय फिल्म शीघ्र ही देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

सिनेबीट / आईपीएस यादव,

मुंबई।

दिनांक: 20-07-2017

 

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