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शैलेश संघवी: बड़े बिल्डर, बड़ा बयान- अगर सिंगल विंडो सुविधा मिले तो प्रॉपर्टी की कीमतें अभी और कम हो सकती हैं

सबसे बड़े प्रॉपर्टी बाजार मेला क्रेडाई-एमसीएचआई महाप्रॉपर्टी एक्सपो 2017 में हमारी मुलाकात यूँ तो क्रेडाई-एमसीएचआई के अनेक धुरंधर बिल्डरों से हुई जहां सबने अपनी-अपनी दुकानें और प्रदर्शनियां सजा रखी थीं, लेकिन हमारा ध्यान आकर्षित किया संघवी एस 3 ग्रुप की पोल्यूशन फ्री सिटी की प्रदर्शनी ने जहां ग्राहकों को प्रदुषण मुक्त बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से सज्ज घर देने का दावा था और वह भी एक फार्च्यून व्हील के जरिये, इस वजह से वहां ग्राहक लोगों की तादात अधिक थी. इसलिए एक्सपो में घूमते-घूमते इस स्टाल की तरफ हमारा भी ध्यान आकर्षित हुआ, हम उधर पहुंचे तो हमारी मुलाकात संघवी एस3 ग्रुप के एमडी शैलेश संघवी से हुई, हमने उनसे विशेष बातचीत की. यहाँ पेश है शैलेश संघवी के साथ हुई आईपीएस यादव की विशेष बातचीत के खास अंश:

संघवी साहब, सबसे पहले तो बधाई हो, एमसीएचआई के सफल आयोजन के लिए और उसमें मौजूद आपकी इस विशेष पोल्यूशन फ्री प्रदर्शनी के लिए.

आपने मुझे अपनी बात कहने मौका दिया उसके लिए आपको, आपकी पत्रिका द इन एक्सप्रेस और आपके चैनल इंडिया आजतक को धन्यवाद, एमसीएचआई के इस सफल आयोजन में एमसीएचआई की सक्षम टीम, बिल्डर समुदाय, और सब ग्राहक लोगों के साथ-साथ आप जैसे सक्रिय मीडिया कर्मियों का भी अभिन्न योगदान है जो हमेशा हमें कवर करके प्रोत्साहित करते आये हैं.

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रेरा आने के बाद एमसीएचआई का यह पहला आयोजन है, प्रॉपर्टी बाजार ग्राहक का कैसा रिस्पांस है?

रेरा आने के बाद से लोगों का फायदा हुआ है. ग्राहक का बहुत अच्छा रिस्पांस मिल रहा है. हालाँकि यूँ तो एमसीएचआई का स्लोगन ही है- “एमसीएचआई है तो भरोसा है” लेकिन रेरा आने से लोगों का यह भरोसा प्रॉपर्टी बाजार में बढ़ा है, और मजबूत हुआ है. यही वजह है कि इस बार के एक्सपो में लोगों की भीड़ पहले से अधिक है. यह देखकर हम सब बिल्डर लोग भी बहुत खुश हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि इस साल के एक्सपो
में सिर्फ वही बिल्डर भाग ले पा रहे हैं जो रेरा में रजिस्टर्ड हैं.

बिल्डर के रेरा में रजिस्टर्ड होने का क्या मतलब है, रेरा से ग्राहक को या बिल्डर को क्या फायदा?

केंद्र सरकार का कानून -रेरा का मतलब रीयल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट (रेरा) है जो घर खरीदारों के हितों की रक्षा करता है और साथ ही यह अचल संपत्ति उद्योग को बढ़ावा देने में बिल्डर, डेवलपर की सहायता करता है. पहले क्या होता था बिल्डर प्री-लांच, पोस्ट लांच, पोस्ट-पजेशन, इत्यादि के नाम पर कोई भी स्कीम लांच करते थे. ग्राहक अच्छा और सस्ता घर लेने के चक्कर में पैसा लगा देते थे. इसमें जो सक्षम बिल्डर होते वो तो निकल जाते, जो कमजोर होते वो फंस जाते थे और साथ ही पब्लिक का पैसा भी फंस जाता था. कहते हैं न कि पूरे तालाब को गन्दा करने के लिए एक ही मछली काफी है लेकिन यहाँ तो हजारों गन्दी मछलियाँ थीं और प्रॉपर्टी मार्किट छोटा सा. तो कुछ बिल्डरों की इस गलत कारोबारी प्रैक्टिस की वजह से हमारे जैसे जो पुराने अच्छा काम करने वाले साफ सुथरे कारोबारी थे, उनका दामन भी दागदार होने लगा. इसलिए यह हमारी ही 15 साल पुरानी मांग थी जब हमने केंद्र और राज्य सरकार से कोई ऐसा कानून बनाने की मांग की जो रियल एस्टेट को विधिवत, नियमित रूप से संचालित करे, इसे उद्योग का दर्जा दे और प्रॉपर्टी और बिल्डर के नाम पर ठगी और जालसाजी करने वाले कानून के शिकंजे में हों…तो प्रॉपर्टी को इंडस्ट्री का दर्जा देने के लिए कानून बनाने की हमारी ही पुरानी मांग आज “रेरा” के रूप में सबके सामने है और हम सब इससे बहुत खुश हैं.

ये व्हील आॅफ फार्च्यून स्कीम क्या है जो आपने अपनी संघवी एस 3 ग्रुप की पोल्यूशन फ्री सिटी की मार्केटिंग के लिए रखी है?

इस एक्सपो में सभी बिल्डर्स ने अपनी-अपनी परियोजनाएं बेचने के लिए कुछ न कुछ आॅफर्स रखे हैं. हमने ये व्हील आफ फार्च्यून रखा है. हमारा मानना है कि लोग जब घर लेने निकलते हैं उस वक़्त अगर आप उनको कुछ अच्छे आॅफर्स देते हैं तो वे आकर्षित होते हैं. अगर आप हमारी प्रदूषण मुक्त दहिसर ईको सिटी में 2 बीएचके फ्लैट खरीदते हैं, तो आपको एक कूपन मिलता है जिससे आपको व्हील घुमाने को मिलता है, और फार्च्यून व्हील पर मौजूद दस चीजों में से कोई एक चीज मिल सकती है. बशर्ते वह चीज आपके फार्च्यून व्हील घुमाने पर सही निशाने पर आये. इन 10 चीजों में हैं- 50 प्रतिशत जीएसटी आफ, डैल का लैपटॉप, 4 दिन 3 रातों का दुबई का कपल टूर, होंडा बाइक, 43 इंच का सैमसंग एलईडी टीवी, आई फोन 7, टाटा नैनो, संघवी एस 3 पैराडाइस में 9.99 लाख का 1 बीएचके फ्लैट. इसके आलावा स्टंप ड्यूटी रजिस्ट्रेशन हरेक के लिए फ्री है. लेकिन ये सभी स्कीम और आफर्स साल में सिर्फ एक बार एक्सपो के दौरान 10 दिन के लिए होते हैं.

पिछले एक वर्ष के दौरान देश में बहुत राजनैतिक-आर्थिक उथल पुथल रही जिनमें नोटबंदी, जीएसटी और रेरा प्रमुख हैं. रियल एस्टेट उद्योग पर इन सबका बहुत असर पड़ा है. आज बिल्डरों के पास पैसा नहीं है, ग्राहक आ नहीं रहा है, तो आपकी दृष्टि से इन हालातों से बाजार कैसे उबरेगा?

देखिये, रियल एस्टेट उद्योग की कुछ मौलिक समस्यायें थीं जैसे सिंगल विंडो सोल्यूशन की मांग जो रेरा आने के बाद आज भी जस की तस है. वो जब तक पूरी नहीं होंगी तब तक इस कारोबार पर जो पूँजीनिवेश है, रोजाना के ओवरहेड्स हैं, बैंक और निजी वित्तीय संस्थाओं के ब्याज हैं, वो सब तो बढ़ता ही रहेगा. भाजपा सरकार आने के बाद प्रॉपर्टी बाजार में भारी गिरावट का दौर अभी भी चल रहा है, मैं कहता हूँ. आप हमें सिंगल विंडो
सोलुशन दीजिये, हम प्रॉपर्टी की कीमतें अभी और 35 प्रतिशत कम कर देंगे. सिंगल विंडो आने से सबका टाइम और पैसा बचेगा.

सिंगल विंडो सोल्यूशन बिल्डरों की बहुत पुरानी मांग है, अगर ये हो जाये तो बाबुओं का भ्रष्टाचार खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगा, इसलिए हमें नहीं लगता कि आपकी ये मांग कभी पूरी हो पाएगी?

आपकी बात ठीक है लेकिन आलवेज बी पॉजिटिव, हमें हमेशा सकारात्मक सोचना है. रेरा की भी कहाँ किसी को उम्मीद थी? लेकिन हो गया ना? भ्रष्टाचार खत्म करना मोदी सरकार की टॉप प्रिओरिटी है, तो वह यह सब करके रहेंगे.

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